आज जो मैं निकली गली से , मैं निकली नयी गली से
जो मैंने सुना जो मैंने देखा , दिखा मुझे एक भेड़िया भेड़ की खाल में ,
गौर से सुना मैंने उस मासूम पुकार को , दिखाई दिया मुझे एक बढ़ा सा जाल
दिखा मुझे वो शैतान बच्चा हर घर के बरामदे में , दिखा मुझे वो हर किसी इंसान में।
ज्यों मैंने नज़र दौड़ाई त्यों मैंने देखा ये नया फैशन तो सर चढ़ रहा हैं दुनिया में ,
यूथ में , बातों ही बातों में, कामचोरी में और सीना जोरी में
क्रिकेट के बाद अगर कोई हमारा मन बहलाने लगा था तो वो था बात बात पे रोना
ज़िन्दगी की छोटी छोटी बातो पर अपना आप खोना।
हमारे पूर्वज रोते थे दिल टूटने पर, दो वक़्त की रोटी ना होने पर
स्वास्थय की हानि पर या दुनिया की गरीबी पर ,
हम रोते हैं कॉफ़ी ना होने पर , जीरो साइज कमर ना होने पर
नौकरी में ईगो की मेहमान नवाज़ी ना होने पर , रिश्तो में सोशल मीडिया की ख्याति ना होने पर।
ज्यों मैंने नज़र दौड़ाई त्यों मैंने देखा ये नया फैशन तो सर चढ़ रहा हैं दुनिया में ,
यूथ में , बातों ही बातों में, कामचोरी में और सीना जोरी में
क्रिकेट के बाद अगर कोई हमारा मन बहलाने लगा था तो वो था बात बात पे रोना
ज़िन्दगी की छोटी छोटी बातो पर अपना आप खोना।
हमारे पूर्वज रोते थे दिल टूटने पर, दो वक़्त की रोटी ना होने पर
स्वास्थय की हानि पर या दुनिया की गरीबी पर ,
हम रोते हैं कॉफ़ी ना होने पर , जीरो साइज कमर ना होने पर
नौकरी में ईगो की मेहमान नवाज़ी ना होने पर , रिश्तो में सोशल मीडिया की ख्याति ना होने पर।
सोमवार था इस नए फैशन का पहला निशाना , हफ्ते की शुरुआत को उसने खूब मनहूस बनाया
सोमवार बेचारा खड़ा था कौने में , बोला मैं तो कितने सालो से आता हूँ ,
पर आजकल हंगामा हैं क्यों बरपा जो हफ्ते का शटर उठाया
मंडे ने बताया " अब मैं फेसबुक पर नहीं जाता क्यूंकि वहाँ अब मैं आतंकवाद से भी निचले स्तर पर आता हूँ"।
इस फैशन ने फिर लैंगिक समानता (gender equality ) को पकड़ा , बहुत लोगो को इस चकर घिन्नी में जकड़ा
स्री जाती भूल गयी के असली आज़ादी का मतलब हैं अपने ही आप से हर रोज़ एक सर्वश्रेष्ठ महिला बनना ,
इस फैशन ने फिर लैंगिक समानता (gender equality ) को पकड़ा , बहुत लोगो को इस चकर घिन्नी में जकड़ा
स्री जाती भूल गयी के असली आज़ादी का मतलब हैं अपने ही आप से हर रोज़ एक सर्वश्रेष्ठ महिला बनना ,
पर बेचारी अबला नारी फिर कैद हो गयी अब एक नए जाल में और समाज की जगह एक नया जेलर पकड़ा
बन गयी वह फिर अपनी ही ईगो की ग़ुलाम और कर दिया ऐलान के हमे भी हैं मर्दो जैसा बनना ।
इस फैशन शो में हिस्सा लिया सब जवानो ने बढ़ चढ़ के , खोला फेसबुक और लग गए जान हित में
कीबोर्ड को बनाया हथियार और बाटने लगे ज्ञान , निकाल दी दस लाख गलतियां दुनिया में , देश में, प्यार करने में ,शादी करने में , माँ बाप में ,
पर जब बोला उन्ही घुड़सवारों को , अगर सवाल लाये हो तो हल भी बताओ भाई
पर ये क्या ! दस गाली अलग सुनाई और लॉगआउट करने में दो क्षण की देर ना लगाई।
बन गयी वह फिर अपनी ही ईगो की ग़ुलाम और कर दिया ऐलान के हमे भी हैं मर्दो जैसा बनना ।
इस फैशन शो में हिस्सा लिया सब जवानो ने बढ़ चढ़ के , खोला फेसबुक और लग गए जान हित में
कीबोर्ड को बनाया हथियार और बाटने लगे ज्ञान , निकाल दी दस लाख गलतियां दुनिया में , देश में, प्यार करने में ,शादी करने में , माँ बाप में ,
पर जब बोला उन्ही घुड़सवारों को , अगर सवाल लाये हो तो हल भी बताओ भाई
पर ये क्या ! दस गाली अलग सुनाई और लॉगआउट करने में दो क्षण की देर ना लगाई।
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